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10 दिन बाद परिजनों से मिला मानसिक रूप से कमजोर बुजुर्ग, किराना संचालक ने दिखाई इंसानियत

देवास/अजमेर –मानवता आज भी जिंदा है… इसका जीता-जागता उदाहरण उस समय सामने आया जब एक मानसिक रूप से कमजोर बुजुर्ग व्यक्ति राजस्थान के अजमेर में भटकते हुए मिले। अजमेर निवासी किराना दुकान संचालक धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने न केवल उन्हें सहारा दिया, बल्कि सोशल मीडिया की मदद से उनके परिजनों तक पहुंचाकर इंसानियत की अनोखी मिसाल पेश की।

घटनाक्रम

देवास जिले के अमोना थाना टोंकखुर्द निवासी नारायण पिता भागीरथ अस्थाया करीब 10 दिन पहले घर से बिना बताए निकल गए थे। परिजनों ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना टोंकखुर्द में दर्ज कराई थी। इस बीच नारायण राजस्थान के अजमेर जिले में जा पहुंचे।

भटके हुए नारायण से जब किराना संचालक धर्मेंद्र शर्मा ने पूछताछ की तो उन्होंने सिर्फ “टोंकखुर्द” का नाम बताया। इसके बाद धर्मेंद्र शर्मा ने उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल की और स्थानीय पुलिस से संपर्क साधा। जानकारी मिलते ही टोंककला पुलिस चौकी और थाना टोंकखुर्द पुलिस सक्रिय हुई और परिजनों से संपर्क कर नारायण को सुरक्षित उनके घर पहुंचाया गया।

पुलिस व नागरिकों की सराहनीय भूमिका इस पूरे मामले में

निरीक्षक आलोक सोनी, थाना प्रभारी टोंकखुर्द

उप निरीक्षक हिमांशु पांडे, चौकी प्रभारी टोंककला

प्रधान आरक्षक धर्मवीर गुर्जर का विशेष योगदान रहा।

वहीं किराना संचालक धर्मेंद्र शर्मा ने गुमशुदा बुजुर्ग के खाने-पीने व रहने की व्यवस्था कर उनकी देखभाल की और इंसानियत की एक अनोखी मिसाल कायम की।

यह घटना न केवल समाज को प्रेरणा देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि थोड़ी-सी संवेदनशीलता और मानवीय पहल किसी की जिंदगी बदल सकती है।

राजेश धनेचा प्रधान संपादक

हम वो कलम नहीं हैं जो बिक जाती हों दरबारों में हम शब्दों की दीप- शिखा हैं अंधियारे चौबारों में हम वाणी के राजदूत हैं सच पर मरने वाले हैं डाकू को डाकू कहने की हिम्मत करने वाले हैं ............... कलम सत्य की धर्मपीठ है, शिवम् सुंदरम गाती है । राजा भी अपराधी हो तो, सीना ठोक बताती है ।।

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